Wednesday, August 6, 2014

सच्चाइयाँ जो हम बहुत जल्दी भूल जाते हैं

1. हमारी औसतन जिंदगी छोटी है 
2. आप वही जिंदगी जिएंगे , जिसका की आप खुद निर्माण करेंगे 
3. व्यस्त रहने का मतलब, विकास नहीं है 
4. विफलताओं का सामना करना पड़ता है सफलता से पहले
5. सोचना और करना दोनों भिन्न बातें हैं 
6. माफ़ करने के लिए, किसी के माफ़ करने का इंतज़ार न करें 
7. कुछ लोग वाकई में आपके लिए एक गलत मेल होते हैं 
8. आपको प्यार करना किसी और की जिम्मेवारी नहीं, सिर्फ आपकी है
9. आप कौन हो, उसपे आपका स्वामित्व नहीं है
10. हर पल हर चीज़ बदलती रहती है

Sunday, August 3, 2014

सच्चाईयां जो आपको जिंदगी जीने में मदद करेंगी

1. पहला कदम कभी आसान नहीं होता !
2. अच्छी चीज़ें बहुत मुश्किल से मिलती हैं !
3. आप अपनी जिंदगी में सिर्फ एक ही चीज़ पे नियंत्रण कर सकते हैं - की आप किस प्रकार की प्रतिक्रिया देना चाहेंगे !
4. आप जोखिम से नहीं बच सकते , जिंदगी को जोखिम में डाले बगैर !
5. आपकी सबसे बड़ी परेशानी आप के दिमाग में होती है !
6. जिंदगी के लिए खुशियां खरीदी नहीं जा सकतीं बल्कि 
कमानी पड़ती हैं !
7. हर कोई आपकी सहायता नहीं करेगा !
8. आपकी जिंदगी कुछ लोगों के बगैर बेहतर है, जिन्हे आप प्यार करते हो !
9. खुशियां पाना है तो थोड़ा गम तो उठाना ही पड़ेगा !
10. जो हो गया सो हो गया, जिंदगी बस चलती रहती है.....!


Friendship day के उपलक्ष्य में रिसर्च कर के लिखी गयीं हैं ! रोज़ इनका अस्मरण करेंगे तो काफी मुश्किलों से निजात पा जायेंगे ! आपका आनेवाला वक्त मंगलमय हो, ऐसी मेरी शुभकामना है !

Friday, July 11, 2014

Youtube Link to one of my sessions.

Tuesday, January 21, 2014

चलो ख्वाबों में एक ख्वाब देखें...

चलो ख्वाबों में एक ख्वाब देखें,
क्या ख्वाब एक, ख्वाब दो के अंदर है ,
या दूसरा, तीसरे के अंदर है,
क्या कोई चौथा ख्वाब, कहीं जनम ले रहा है,
मैंने अनगिनत ख्वाब देखे है, ख्वाबों के एक बगीचे में,
हर एक ख्वाब में असीम सकती होती हैं , नए ख्वाबों को जनम ने में,
अधूरा ख्वाब, सुलगता ख्वाब, उबलता ख्वाब , ख्वाब ही ख्वाब,
क्या यह हमारे ख्वाबों से परे है, या ख्वाबों में हकीकत से परे है,
क्यूँ ख्वाब रुलाती है हमें , बिना बात के हसाती है हमें,
निरंतर तड़पाती है हमें, सोई रातों से जगाती है हमें,
हाय रे ख्वाब , वाह रे ख्वाब, ख्वाब ही ख्वाब !


By Harry
Source : Written by Harry

'विद्या'

'विद्या'
परदे में है चाहत , पूरा छुपता भी नहीं, साफ़ दीखता भी नहीं,
या तोह पर्दा हटा ले, या फिर चेहरा ही दिखा दे,
चाहते दीदार करा दे, वर्ना चाहत को ही मिटा दे,
मिट के हम कण कण में बिखर जायेंगे,
इस समस्त संसार को तेरा दीवाना बना जायेंगे,
दीवानगी तोह बहुत देखि होगी तूने,
तेरी महमिल में दीवानों का कारवां लगा जायेंगे,
हम गीली लकड़ी ही सही, पर ऐय 'विद्या',
लाखों के दिलों में, तेरे लिए, ज्ञान की ज्योत जला जायेंगे !


By Harry
Source : written by harry

एक तो वक्त कम है...

एक तो वक्त कम है, दूसरे जेब भी तंग है,
इंसानियत परेशां है, फिर भी दीखता दबंग है,
दीवाने मलंग है, सर्कार अपंग है और  विरोधी तंग है,
फिर भी सबके बीच में ये कैसी सत्संग है,
९५ प्रतिसत जनता, सोई हुई अंग है,
इसीलिए तो ५ प्रतिसत लोग शाशन में रंगारंग है,
मोहे रंग दे, ऐसा सभी का ढंग है,
फिर भी दीखता, कटी पतंग है,

कविता पढ़नेवाला दंग है और कवी कि लेखनी में व्यंग है !
हैरी द्वारा प्रस्तुत !
९.३० PM तारीख २१ जनुअरी २०१४

Friday, August 9, 2013

Do animals laugh / smile?

Visible difference between animals & human beings is that, former cannot laugh / smile. Have you ever seen donkey's smile. Imagine one smiling, than what is it up to? That means its upgrading to be a human. On the other hand if, a human is clueless, tired, gloomy that means he is downgrading to be a .........So use your asset, let the world not confuse you with..........one smile can change the moment, day or life.

Thursday, August 8, 2013

चलो यूँ कर लें……


चलो यूँ कर लें की लहरों को बांध दें
हर एक बूँद से 'तूफान' को निकाल दें

चलो यूँ कर लें की आसमान छु लें
अलकों  पलकों में ही आपित्त निवारण कर लें

चलो यूँ कर लें की सरहदों को मिटा दें
हर दिल से 'सियासत' को हटा  दें

चलो यूँ कर लें की कल को आज में तप्दील कर लें
आज और कल दोनों का मजा एक साथ ले लें 

चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….

वर्षों लगे हैं, महफ़िल का रंग ज़माने में
कई बरसातों ने रोका है रंग चढ़ाने में
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें,

अब रुक पायेगा ये सैलाब ऐयहैरी
वक्त खुद गया है, रंग बदलने को

चलो यूँ कर लें की आज बेरंग हो जाएँ
वक्त के बदलते रंगों में खो जाएँ
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….

रणभूमि से रंगभूमि में  कदम रक्खा है
रंगभूमि ने रंगने की सर्त रक्खी है
और मैंने मुह खोलने की जीद रखी है
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….

चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें,
नीले आकाश के ऊपर, ओशों ने एक इन्द्रधनुष बना रखा है,
चाहते  हुए भी करीब बुला रक्खा है, रंगों को अपने सीने में छुपा रक्खा है

चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें….
इन्द्रधनुष की एक एक बूंदों ने रंगने का प्रोग्राम बना रक्खा है,
चलो यूँ कर लें, चलो यूँ कर लें,
बूदों से 'तूफानों' का गहरा रिश्ता है, प्रकृति ने भी समझाने का अपना ही तरीका बना रक्खा है
चलो यूँ कर लें की.....
Mail me at   harry@mytoyworld.in